Holi Special: जमने लगा रंग, बिखरने लगे सुर

सूरत. सूरत में रसियों की टोली में होली का उल्लास पूरे निखार पर है। चंग पर हाथ की कभी तेज तो कभी धीमी थाप के साथ फाग गीत, होली धमाल, राजस्थानी लोकगीत और भजनों के धीमे-तेज सुर सुनाई देने लगे हैं। दस दिन पहले महाशिवरात्रि पर्व पर एक-दो स्थलों से शुरू हुए होली की धमाल के कार्यक्रम अब शहर में दर्जन से अधिक जगह हो रहे हैं। रात होते ही होली के रसियों की टोली एकत्र हो जाती है। इसमें उत्साही युवक ही शामिल नहीं होते, बल्कि बच्चे और बुजुर्ग भी पीछे नहीं हैं। शहर के राजस्थानी बहुल इलाकों में होली की रंगत में बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों की संगत जमने लगी है। राजस्थान से आए दर्जनों कलाकारों ने भी होली की रंगत जमा दी है।

म्हारो बोरबंद नखराळो आलिजा…

उधना में हरिनगर-एक की आशानगर सोसायटी में रात होते ही रामायण प्रचार मंडल, उधना और क्षेत्रीय प्रवासी राजस्थानी समाज के सदस्यों के अलावा अन्य होली के रसिये जमा हो जाते हैं। वह चंग की थाप पर फाग गीतों की प्रस्तुति देते हैं। दर्जनों उत्साही युवकों की ओर से फाग गीत और नृत्य का दौर आधी रात बाद तक चलता है। यहां आसपास की सोसायटियों के युवक भी जमा होते हैं। बुधवार रात सोसायटी प्रांगण में आमंत्रित चंग पार्टी ने घूमर नृत्य की चंग बजाते हुए प्रस्तुति दी।
म्हारा सासूजी क दाय कोनी आय रे…
कुंभारिया गांव की नेचरवैली सोसायटी के बैंक्वेंट हॉल में रोज रात को फागुन की मस्ती में मस्त आठ से साठ की उम्र के लोग देखे जा सकते हैं। चंग-ढप की थाप और मजीरे की रुनझुन पर फाग गीतों की प्रस्तुति देने वाले उत्साही युवकों का जोश देखते बनता है। रात दस बजे से सोसायटी में चंग पर फाग गीत और धमाल की गूंज शुरू होती है, जो मध्यरात्रि के बाद तक गूंजती रहती है। यहां भी राजस्थान से आए कलाकारों की टीम फागुन की मस्ती को दोगुना करने लगी है।

नखराळो देवरियो भाभी पर…

विप्र फाउंडेशन, सूरत जिला इकाई की ओर से गुरुवार दोपहर सारोली के विप्र गौरव भवन में होली स्नेह मिलन समारोह का आयोजन किया गया। संगठन के राष्ट्रीय, प्रदेश और जिला स्तरीय पदाधिकारियों ने गुलाल लगाकर होली की एक-दूसरे को बधाइयां दीं। आमंत्रित लवली एंड पार्टी, जाडन के कलाकारों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी। कलाकारों ने राजस्थानी लोकगीतों पर नृत्य प्रस्तुत किए।