लोकसभा चुनाव 2019 : तृणमूल कांग्रेस में उभरने लगे असंतोष के स्वर, साथ छोड़ चुके हैं ये सांसद और विधायक

टीएमसी में पार्टी छोड़ने का सिलसिला हुआ तेज, कैडर की उपेक्षा का लगा आरोप

कोलकाता : लोकसभा चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस के नेताओं का भाजपा में जाने का सिलसिला जारी है. ममता बनर्जी की इस पार्टी में टिकट वितरण को लेकर असंतोष भी उभर रहा है. टिकट बंटवारे के बाद से पार्टी छोड़ने का सिलसिला तेज हो गया है. पार्टी नेतृत्व पर कैडर और पुराने साथियों की उपेक्षा करने और फिल्मी ग्लैमर को तरजीह देने के आरो[प भी लग रहे हैं. 

एक समय तृणमूल में दूसरे नंबर की हैसियत रखने वाले मुकुल राय अब भाजपा में हैं. तृणमूल के असंतुष्ट नेताओं और कुछ निर्वाचित प्रतिनिधियों तक को अपनी पूर्व पार्टी से भाजपा में लाने में उनकी भूमिका अहम बतायी जाती है. वैसे तृणमूल छोड़ कर भाजपा में जाने वाले नेताओं-जनप्रतिनिधियों में और भी नाम हैं. 

लोकसभा चुनाव के लिए जब तृणमूल ने अपने 42 उम्मीदवारों की सूची जारी की, तब पार्टी में असंतोष के स्वर भी उठने लगे. तृणमूल के स्थानीय नेतृत्व में मची कलह का भाजपा ने पांच साल में जम कर फायदा उठाते हुए अपने लिए रास्ते बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी. भाजपा के नेताओं का दावा है कि आने वाले कुछ दिनों में कई तृणमूल विधायक और अन्य नेता भाजपा में शामिल होंगे.

सांसदों के नाम कटने से ज्यादा बवाल 

इस सूची में कूचबेहार, बशीरहाट,  झाड़ग्राम, मेदिनीपुर, बोलपुर, विष्णुपुर और कृष्णनगर लोकसभा सीटों के  वर्तमान सांसदों के नाम नहीं हैं. कुछ सीटों पर तृणमूल पार्टी ने अपने  पुराने नेताओं की उपेक्षा की और नौसिखियों, फिल्मी सितारों तथा कांग्रेस  एवं वाम दलों से आये लोगों को प्रमुखता दी है. 

नहीं मानी गयी वरिष्ठ साथियों की सलाह

तृणमूल के दक्षिण दिनाजपुर जिला प्रमुख बिप्लव मित्रा बेलुरघाट लोकसभा सीट से अर्पिता घोष को दोबारा टिकट दिये जाने पर अपनी नाराजगी खुल कर जाहिर कर चुके हैं.  कहा, मैं बता चुका था कि बेलुरघाट के लोग अर्पिता से खुश नहीं हैं. इस बार जीत की कोई गारंटी नहीं है. कई योग्य नेता हैं. अगर उन्हें टिकट मिलता तो हम जीत जाते. हालांकि अर्पिता की जीत सुनिश्चित करने के लिए हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे.

साथ छोड़ चुके सांसद-विधायक 

पार्टी नेतृत्व से नाराजगी के कारण टीएमसी के जो बड़े नेता भाजपा में शामिल हुए हैं, उनमें पूर्व मंत्री व सांसद मुकुल राय, विष्णुपुर सांसद सौमित्र खान और बोलपुर सांसद अर्जुन हाजरा तथा चार बार विधायक रहे वरिष्ठ तृणमूल नेता भाटवारा विधायक अर्जुन सिंह शामिल हैं.