लोकसभा चुनाव 2019: आम आदमी पार्टी सपा-बसपा गठबंधन और कांग्रेस को दे सकती है समर्थन

बीजेपी को यूपी में घेरने के लिए आप का दाव

आम आदमी पार्टी का आलाकमान अभी तक ये फैसला नहीं ले सकता है कि वो देश में सबसे ज्यादा लोकसभा सीटों वाले उत्तर प्रदेश में कितने सीटों पर उम्मीदवार खड़ा करेंगे। यूपी में 80 लोकसभा सीटें है। लोकसभा चुनाव 2019 में यूपी ऐसा एकलौता राज्य है जहां चुनाव आयोग ने सात चरण में चुनाव करवाने का फैसला लिया है। हालांकि पार्टी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से अपना उम्मीदवार खड़ा करने का निर्णय लिया है। आप के स्थानीय नेता योगेश दहिया सहारनपुर सीट से लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। पार्टी के राज्य प्रवक्ता वैभव महेश्वरी ने बताया कि हमने अभी तक निर्णय नहीं लिया है कि यूपी में हम कितने सीटें पर चुनाव लड़ेंगे। अभी तक सिर्फ सहारनपुर सीट के उम्मीदवार पर अंतिम निर्णय लिया गया है। उन्होंने यूपी में पार्टी द्वारा छोड़ी गई सीटों पर कमेंट करते हुए कहा कि सपा-बसपा गठबंधन को समर्थन देंगे। उन्होंने आगे कहा कि सपा-बसपा गठबंधन की तुलना में भाजपा प्रत्याशियों को हराने के लिए कांग्रेस के उम्मीदवार मजबूत स्थिति में हैं, आप कांग्रेस का समर्थन करेगी।

2014 में आप को नहीं मिली थी सफलता

साल 2014 के लोकसभा चुनाव में आप के लगभग सभी उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने साल 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ वाराणसी से चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में अरविंद केजरीवाल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3,81,784 वोटों से हराया था। अरविंद केजरीवाल को 2,09,238 वोट मिले थे। वहीं पीएम मोदी को 5,81,022 वोट मिले थे। साल 2014 के चुनाव में अरविंद केजरीवाल को छोड़कर पार्टी का कोई नेता छाप नहीं छोड़ सका था।

आप ने 2017 में नहीं लड़ा था विधानसभा चुनाव

आम आदमी पार्टी ने उत्तर प्रदेश में 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में हिस्सा नहीं लिया था। हालांकि 2017 के पंचायत चुनाव में पार्टी ने हिस्सा लिया था। इस चुनाव में पूरे राज्य में आप ने नगर निगम और नगरपालिका में मिलाकर 45 सीटें जीती थी। ऐसे में देखना होगा कि पार्टी का आलाकमान यूपी में कितनी सीटों पर चुनाव लड़ता है। कुमार विश्वास जिन्होंने साल 2014 में अमेठी से राहुल के खिलाफ चुनाव लड़ा था वो अब बागी हो चुके हैं। राहुल गांधी के खिलाफ बीजेपी ने स्मृति ईरानी को लड़ाया था। हालांकि कुमार विश्वास इस सीट पर कोई प्रभाव नहीं डाल पाए थे।