लोकसभा चुनाव: बिहार में सीटों को लेकर RJD-कांग्रेस में 'अनबन', अधर में गठबंधन

हाइलाइट्स

  • बिहार में सीटों के बंटवारे पर गठबंधन में घमासान
  • कांग्रेस अभी 11 सीटों की मांग पर अड़ी, टला ऐलान
  • आरजेडी 8 से ज्यादा लोकसभा सीटें देने को नहीं तैयार
  • बिहार में लोकसभा की 40 सीटें, मांझी भी नहीं संतुष्ट
पटना

बिहार में बीजेपी के खिलाफ गठबंधन की तैयारियों को लेकर अभी भी असमंजस की स्थिति है। एक ओर जहां राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) नेता तेजस्वी यादव सहयोगी दलों को सीटों के बंटवारे को लेकर समझौता करने की नसीहत दे रहे हैं, वहीं आरजेडी सूत्रों ने गठबंधन के अंतिम रूप लेने पर ही सवाल खड़ा कर दिया है। इतना ही नहीं, ऐंटी बीजेपी महागठबंधन में सीटों के ऐलान की तारीख भी टल गई है। अब 19 मार्च को सीटों की घोषणा की जा सकती है।

राष्ट्रीय जनता दल के सूत्रों का कहना है कि लोकसभा चुनाव के मद्देनजर आरजेडी और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर आपसी सहमति नहीं बन पा रही है। कांग्रेस 11 सीटों पर कैंडिडेट के नामों का दावा कर चुकी है जबकि आरजेडी राज्य में 8 सीटों से ज्यादा देने के लिए तैयार नहीं है।

पढ़ें: बिहार एनडीए में आज होगा सीट शेयरिंग का ऐलान


सीट शेयरिंग पर NDA ने कर दी घोषणा

बिहार एनडीए के नेताओं ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सीट शेयरिंग का ऐलान कर दिया है। इससे पहले
बीजेपी ने भी शनिवार देर रात तक बैठक कर बिहार के उम्मीदवारों पर मंथन किया। बिहार में नवादा सीट जेडीयू के खाते में गई, 2014 में यहां से केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह जीते थे। भागलपुर सीट भी जेडीयू के खाते में गई, 2014 में शाहनवाज हुसैन ने यहां से चुनाव लड़ा था लेकिन हार गए।

नवादा और भागलपुर पर लगाए जा रहे कयास

एनडीए सूत्रों की मानें तो नवादा और भागलपुर जैसी महत्वपूर्ण सीटों को बीजेपी ने सहयोगियों के लिए छोड़ा है। नवादा सीट से 2014 में बीजेपी नेता गिरिराज सिंह ने चुनाव जीता था, साथ ही भागलपुर से पार्टी ने शहनवाज हुसैन को मैदान में उतारा था, लेकिन शहनवाज करीब 8 हजार वोटों से चुनाव हार गए थे। इस बार इन दोनों सीटों को सहयोगियों पार्टियों को दिए जाने की खबरें हैं।

bjp continues its brainstorming session to finalise candidates for ls polls

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