राष्ट्रपति ने दिग्गजों को प्रदान किए पद्मभूषण और पद्मश्री

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पद्म पुरस्कार

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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अलग-अलग क्षेत्रों में महारथ रखने वाले दिग्गजों को विभिन्न श्रेणियों में पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया। इन दिग्गजों में दिल्ली के चार महारथियों को शनिवार को पद्म भूषण और पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया। शनिवार को सम्मानित हुए दिल्ली के लोगों में पहला नाम एमडीएच मसाले के मालिक महाशय धर्मपाल गुलाटी का है। गुलाटी को व्यापार और उद्योग-खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में योगदान के लिए पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। 

गुलाटी देश के बंटवारे के बाद पाकिस्तान के सियालकोट से भारत के अमृतसर आ गए। अमृतसर में मन नहीं लगने पर वह अपने बड़े भाई और रिश्तेदारों के साथ दिल्ली आ गए। उन्हें कोई कामधंधा नहीं मिला तो उन्होंने घोड़ा तांगा चलाकर अपना गुजारा किया। 

उससे भी मन ऊब गया तो मसालों का पुराना कारोबार करने का मन बनाया और फिर अजमल खां रोड पर खोखा बनाकर दाल, तेल, मसालों की दुकान शुरू कर दी। उसके बाद उनके मसाले इतने प्रसिद्ध हुए कि विश्वभर में आज उनकी चर्चाएं हैं।

वहीं, भारत के पूर्व नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक आईएएस विजय कृष्ण शुंगलू को भी पद्म भूषण सम्मान से सम्मानित किया गया। उन्हें सिविल सर्विस में विशेष योगदान के लिए इस सम्मान से नवाजा गया है। 

इनके साथ ही खेल (क्रिकेट) में विशेष योगदान के लिए गौतम गंभीर को पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया। गौतम गंभीर पूर्व में भारतीय क्रिकेट टीम के सलामी बल्लेबाज रहे हैं और उन्होंने 15 वर्षों तक भारत का प्रतिनिधित्व किया है।

उधर, साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में सराहनीय योगदान के लिए मो. हनीफ खान शास्त्री को भी पद्मश्री सम्मान प्रदान किया गया है। वह संस्कृत के विद्वान और लेखक हैं। प्राचीन भारतीय श्लोकों पर आधारित अपनी पुस्तकों और कविताओं के माध्यम से सांप्रदायिक सद्भावना को बढ़ावा देते हैं।

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