राज्य में बड़े पैमाने पर आचार संहिता का उल्लंघन, ५४ लाख रुपए जब्त

शिकायत दर्ज कराने के लिए आयोग ने जारी किया सी-विजिल मोबाइल ऐप
बेंगलूरु. राज्य में 18 व 23 अप्रेल को दो चरणों में होने जा रहे लोकसभा चुनाव के लिए आदर्श चुनाव आचार संहिता गत 10 मार्च से ही लागू हो गई है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद इसके उल्लंघन के कई मामले सामने आए हैं।

उन्होंने बताया कि राज्य में भारी मात्रा में नकदी बरामद की गई है। आचार संहिता लागू होने के बाद से अब तक कुल 54 लाख रुपए जब्त किए गए हैं। इसके अलावा 8 .53 करोड़ रुपए की शराब, 650 ग्राम सोना और 40 किलोग्राम चांदी भी जब्त की गई है। राज्य में एक्साइज से जुड़े 1 हजार 8 18 मामले दर्ज हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायतें मोबाइल फोन के जरिए की जा सकती हैं और इसके लिए आयोग ने सी. विजिल नामक मोबाइल ऐप लांच किया है।

उन्होंने बताया कि राज्य में चुनाव आचार संहिता के प्रकरणों पर निगरानी रखने के लिए राज्य के 33 चुनावी जिलों में 330 अधिकारियों, 7475 फील्ड यूनिटों तथा 10 हजार 489 कर्मचारियों को नियुक्त किया गया है। अब तक सी.विजिल मोबाइल ऐप पर आयोग को 186 शिकायतें मिली लेकिन, इसमें से 111 शिकायतें झूठी पाई गई हैं। इनमें से 45 शिकायतों का निपटारा किया जा चुका है जबकि 30 प्रकरणों की जांच चल रही है।

नागरिकों की भूमिका अहम
ऐप का दुरुपयोग नहीं करने की चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि बिना भय और पक्षपात के चुनाव करवाने में नागरिकों की भूमिका अहम है। इसमें सी.विजिल ऐप अहम भूमिका निभाएगा। आम जन इस ऐप को गूगल प्ले स्टोर तथा आईओएस के लिए ऐप स्टोर से आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं। यदि कहीं पर आचार संहिता का उल्लंघन हो रहा हो तो नागरिक ऐप के जरिए सीधे शिकायत भेज सकते हैं। साथ ही इससे संबंधित फोटो तथा विडियो भी अपलोड कर सकते हैं। शिकायत करने के लिए उनको अपने विधानसभा क्षेत्र के चुनाव अधिकारी के कार्यालय में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

उन्होंने कहा कि सी विजिल ऐप पर आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत मिलते ही उसे फील्ड यूनिट को भेेज दिया जाएगा और शिकायत करने वाले नागरिक को यूनिक आईडी संख्या दी जाएगी जिसके आधार पर वह अपनी शिकायत की आगे की स्थिति को ट्रैक कर सकेगा।

बेनामी शिकायतों के लिए कोई यूनिक आईडी नहीं दी जाएगी। उन्होंने नागरिक मतदाता हेल्पलाइन नंबर 1950 का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। बेंगलूरु के बाहरी जिलों के मतदाता हेल्पलाइन नंबरों के आगे एसटीडी कोड का इस्तेमाल कर मतदाता सूचियों में अपने नाम की पुष्टि, मतदाता सूची में अपना नाम शामिल करवाने व अपने मतदान केन्द्र के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह टोल फ्री नंबर है।