देवली में युवक ने रिटायर्ड फौजी का एटीएम कार्ड बदला, बैंक खाते से निकाले 1.38 लाख

शहर में एटीएम कार्ड बदल कर लाखों रुपए की ठगी करने का सिलसिला थम नहीं रहा है। कभी ऑनलाइन ठगी तो कभी एटीएम कार्ड बदलकर ठगी करने के मामले बढ़ रहे है़। हाल ही में शहर के भारतीय स्टेट बैंक के एटीएम में फिर कार्ड बदलकर रिटायर्ड फौजी टोंक निवासी रामकल्याण जाट से एक लाख 38 हजार रुपए की ठगी करने का मामला सामने आया है। यह ठगी पीडि़त फौजी से आरोपित युवक ने चतुराई से कार्ड बदलकर की है। यह घटना सप्ताह भर पहले की है। इसका पता पीडि़त को गुरुवार को बैंक पहुंचने पर उसके खाते में रुपए नहीं होने पर चला। इसकी रिपोर्ट पीडि़त रिटायर्ड फौजी ने शुक्रवार को थाने में दर्ज कराई है।

पुलिस व पीडि़त के अनुसार टोंक शहर में रहने वाले रिटायर्ड वृद्ध फौजी राम कल्याण पुत्र रंगलाल जाट 9 मार्च को देवली के पास कुंचलवाड़ा माताजी के दर्शन करने आया था। रात्रि विश्राम वहीं कर 10 मार्च को वह सुबह 9.30 शहर में भारतीय स्टेट बैंक के एटीएम से रुपए निकालने का प्रयास कर रहा था, लेकिन उससे रुपए नहीं निकल रहे थे। इस पर उसने दो-तीन बार एटीएम कार्ड को एटीएम मशीन में लगाया, लेकिन रुपए नहीं निकले। इस पर पीडित के पास खडे़ युवक ने सहायता करने की कहकर पीडित का एटीएम कार्ड लिया और वह भी रुपए निकालने का प्रयास किया। इस बीच उसने पीडित का ध्यान हटाकर एटीएम कार्ड बदल लिया। युवक ने अन्य कार्ड पीडि़त को थमा दिया। उस पर मिस्टर आरएस मीणा लिखा हुआ था। एटीएम कार्ड पर अन्य का नाम लिखा होने का पता पीडि़त को बाद में दो-तीन दिन बाद चला। इस पर उसे ठगी होने का अंदेशा हुआ तो वह गुरुवार को टोंक में एसबीआई बैंक पहुंचा।

देवली| शहर का व्यस्ततम एसबीआई एटीएम, जहां पर रिटायर्ड फौजी से एटीएम कार्ड बदलकर एक लाख 38 हजार रुपए की ठगी की गई है।

देवली| ठगी का शिकार रिटायर्ड फौजी टोंक निवासी रामकल्याण।

तीन माह में ऑनलाइन ठगी की छठी वारदात

शहर में इन दिनों ऑनलाइन ठगी का मुख्य केंद्र बन गया है। जनवरी माह से लगाकर अब तक करीब आधा दर्जन ठगी की वारदात घटित हो गई है। इसमें लाखों रुपए दूसरों के बैंक खातों में ट्रांसफर हो गए हैं। इसके बावजूद पुलिस प्रशासन कोई कारगर कदम उठाने में नाकामयाब रहा है। पुलिस ने केवल सांवतगढ़ के रिटायर्ड फौजी के 90 हजार की ठगी के मामले में कपासन पुलिस थाने से एक सहआरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया है। जबकि इस घटना में राजू जाट नामक युवक मुख्य आरोपी है। जो पुलिस की पकड़ से बाहर है। पुलिस के पास इन वारदातों को रोकने में फेल रही है। यूं कहे तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी कि देवली पुलिस ठगी की वारदात को रोकने में नाकारा साबित हुई है। शहर तीन जिलों की सीमा से सटा हुआ है। इनमें टोंक, भीलवाड़ा, बूंदी जिले की सीमाएं शहर से सटी हुई है। वहीं अजमेर जिले की सीमा भी पास ही है। ऐसे में अपराधी देवली में अपराध कर जल्द ही पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए अन्य पास के जिलों में भाग छूटते है, लेकिन वारदात को अंजाम देने से पहले बदमाश एटीएम मशीनों के आस-पास मंडराते रहते है। इसके बावजूद पुलिस का इनकी गतिविधियों पर कोई ध्यान नहीं देती है। लोगों को मानना है कि पुलिस शहर में संदिग्ध लोगों पर फोकस करे तो लोग इगी के शिकार होने से बच सकते है, लेकिन देवली पुलिस का इस ओर ध्यान नहीं है। इसी के चलते शहर में नए साल में करीब आधा दर्जन ठगी की वारदत हो चुकी है।

पूर्व डीजीपी हैं विधायक, फिर भी पुलिस निष्क्रिय

सरकार बदलने के साथ ही देवली-उनियारा के लोगों को महसूस हुआ था कि अब यहां के विधायक हरीश मीणा बडे कैडर के है। वे डीजीपी पद से रिटायर्ड हुए है। ऐसे में लोगों को लगा था कि कम से कम पुलिस का सिस्टम तो बेहतर होगा। उनके अनुभवों व सिस्टम का लाभ लोगों को मिलेगा। सुरक्षा की दृष्टि से लोग काफी महफूज रहेंगे, लेकिन नए साल से जिस तरह पुलिस की निष्क्रियता से ठगी, चोरी आदि की वारदात बढती जा रही है।


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