सीएम योगी के आदेश पर एक्शन, मुलायम सिंह यादव से छीना पद

कानपुर। यूपी बोर्ड 2019 की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षाएं शुरू हो गई है। नकलविहीन परीक्षा को लेकर जिलाप्रशासन, शिक्षा विभाग के अलावा पुलिस मुस्तैद रही। इस बीच श्रीनारायण इंटर कॉलेज में बिना वर्दी में पुलिस के साथ ही उड़नदस्ते की टीम ने छापा मारा। इस दौरान परीक्षा व्यवस्थाक मुलायम सिंह यादव स्कूल प्रबधंक के दमाद निकले। जिस पर उन्हें तत्काल पद हटा कर यहां की जिम्मेदारी हरजेंद्र इंटर कॉलेज के प्रवक्ता सर्वजीत सिंह को सौंपी गई। डीआईओएस सतीश तिवारी ने बताया कि जिले में परीक्षा पूरी तरह से शांत तरीके हो रही हैं। कहीं से नकल की बात सामने नहीं आई। जहां-जहां से शिकायतें पाई जा रही हैं, वहां-वहां केंद्र व्यवस्थापकों को बदला जा रहा है।

41 परीक्षा केंद बनाए गए
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बीते दिनों जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक कर साफ कर दिया था कि यदि नकल हुई तो जिलाधिकारी, केंद्र व्यवस्थापक और डीआईओएस जिम्मेदार होंगे। केन्द्र व्यवस्थापक को जेल भेजा जाएगा। इसी के बाद जिला प्रशासन के अलावा शिक्षा-विभाग ने नकलविहीन परीक्षा कराए जाने को कमर कस ली। मुख्य विषयों की परीक्षा 12 फरवरी से शुरू होगी हो गई। हाईस्कूल की परीक्षाएं 28 फरवरी और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 2 मार्च को खत्म होंगी। इस वर्ष 1 लाख 3 हजार परीक्षार्थी परिक्षा दे रहे हैं। जिले में कुल 41 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं तो वहीं 6910 कक्ष निरीक्षक नियुक्त किए गए हैं। इन पर नजर रखने के लिए 20 सचल दस्ते की टीमों के अलावा 10 पेट्रोलिंग टीमें भी शामिल की गई हैं।

बदले गए केंद्र व्यवस्थापक
मंगलवार को जिले के अलाधिकारियों को शिकायत मिली थी कि नरायण इंटर कॉलेज में प्रबंधक के दमाद (प्रिंसिपल) को केंद्र व्यवस्थापक बनाया गया है। एक टीम सीधे स्कूल पहुंची और जांच पड़ताल में मामला सही पाया। जिसके कारण केंद्र व्यवस्थाक मुलायम सिंह यादव को तत्काल हटा दिया गया। उनकी जगह सर्वजीत सिंह को केंद्र व्यवस्थापक बनाया गया है। इसके अलावा श्रीराम औतार स्मारक इंटर कॉलेज दमगढ़ा में केंद्र व्यवस्थापक कालावती पाल थी। यहां पर विनय कुमार को कम्प्यूटर में कार्य करते हुए और इनकी पत्नी रेखा पाल को कक्ष निरीक्षक करते पाया गया। पता चला कि दोनों प्रबंधक के पुत्र व बहू हैं। टीम ने दोनों को हटा दिया और नए केंद्र व्यवस्थापक तैनात कर दिए।

पेट्रोलिंग टीम कर रही निगरानी
सीएम के आदेश के बाद नकल रोकने के लिए अफसरों ने पहले से ही ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया है। संवेदनशील व अति संवेदनशील केंद्रों पर नकल माफिया हावी न रहें, इसके लिए डीआईओएस द्वारा पेट्रोलिंग टीम का गठन किया गया है, जसके सदस्य परीक्षा के दौरान केंद्र पर मौजूद रहेंगे। पेट्रोलिंग टीम के अलावा हर केंद्र पर जो पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं, वह भी राजकीय विद्यालय के होंगे। उनके सामने ही पेपर के बंडल खुलेंगे और कॉपियां तक जमा होंगी। डीआईओएस ने बताया कि 41 परीक्षा केंद्रों पर जो सीसीटीवी व वॉयस रिकॉर्डर लगाए गए हैं, उन्हें डीआइओएस कार्यालय के हाइटेक सिस्टम से जोड़ा गया है। इसके लिए कैमरा और वॉयस रिकॉर्डर को ऑनलाइन कनेक्ट कर दिया गया है।

एसटीएफ को भी लगाया गया
इस बार हर जिले में कोडयुक्त कॉपियां भेजी गई हैं। पिछले वर्ष 50 संवेदनशील जिलों में कोडयुक्त कॉपियां भेजी गई थी। इसके हर पन्ने पर कोड लिखा होगा और परीक्षार्थी को हर पेज पर अपना रोल नंबर लिखना होगा ताकि कॉपी के पन्ने फाड़ने से लेकर कॉपियों के बदलने तक से बचा जा सके। परीक्षाओं को नकल विहीन कराने के लिए हर परीक्षा कक्ष में दो-दो वायस रिकॉर्डरयुक्त सीसीटीवी कैमरे लगवाएं गए हैं। एसटीएफ को अलर्ट कर दिया गया है और खुफिया टीमें पेपर आउट करने की फिराक में जुटे गिरोहों पर नज़र रखेगी। अति संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर एसटीएफ तैनात की जाएगी।

..तो जाएंगे सीधे जेल
डीएम विजय विश्वाय पन्त ने बताया कि केंद्र व्यवस्थापक समेत कक्ष निरीक्षक भी परीक्षा केन्द्रों पर मोबाइल, कैलकुलेटर या अन्य डिजिटल डिवाइस नहीं ले जा सकेंगे। सामूहिक नकल व अन्य गड़बड़ी होने पर संबंधित केन्द्र व्यवस्थापक को जेल भेजने के निर्देश हैं। सामूहिक नकल पकड़े जाने पर सेक्टर मजिस्ट्रेट या स्टैटिक मजिस्ट्रेट भी जिम्मेदार माने जाएंगे। हर सचल दस्ते में दो सशस्त्र पुलिस कांस्टेबल और सब इंस्पेक्टर होंगे। कक्ष निरीक्षकों को पहचान पत्र के साथ ही आधार कार्ड रखना होगा किसी परीक्षा केन्द्र से सामूहिक नकल की सूचना प्राप्त होने पर प्रश्नपत्र बदले जाएं या उस पाली की परीक्षा रद्द कर किसी अन्य केन्द्र पर परीक्षा करवाने के निर्देश हैं।