राफेल डील पर सीएजी की रिपोर्ट, जानिए 10 बड़ी बातें

Rafale fighter plane


Rafale fighter plane&nbsp | &nbspतस्वीर साभार:&nbspIANS

नई दिल्ली : विवादस्पद राफेल डील पर  नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट आ गई है। रिपोर्ट के अनुसार पीएम नरेंद्र मोदी की नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में राफेल लड़ाकू विमानों की डील यूपीए यानी मनमोहन सिंह की सरकार में हुई डील से सस्ती है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार द्वारा 2016 में 36 विमानों के लिए हस्ताक्षरित सौदे की कीमत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार द्वारा प्रस्तावित कीमत से 2.86% कम है।

सरकार ने बुधवार को राज्यसभा में बहुप्रतीक्षित रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट में एनडीए सरकार द्वारा किए गए सौदे में 36 राफेल लड़ाकू विमानों के वास्तविक मूल्य का खुलासा नहीं किया गया है। हालांकि, रिपोर्ट में कीमत की जांच शामिल है। राफेल डील 59,000 करोड़ रुपए का है। इस डील को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सरकार पर घोटाले आरोप लगा रही है।

राफेल डील से जुड़ी 10 बड़ी बातें 

  1. रक्षा मंत्रालय के आग्रह पर ऑडिट रिपोर्ट में कीमत को संशोधित कर दिया गया है।
  2. रक्षा मंत्रालय ने इसके पीछे भारत-फ्रांस समझौता 2008 व अंतर-सरकारी समझौता (आईजीए) का हवाला दिया है। 
  3. सीएजी ने ‘कैपिटल एक्वीजिशन ऑन इंडियन एयर फोर्स’ पर अपनी रिपोर्ट में कहा है, ‘कुल मिलाकर इसे इस रूप में देखा जा सकता है कि सीवी मिलियर यूरो के ऑडिट के जरिए अनुमानित कीमत के मुकाबले यह अनुबंध ‘यू’ मिलियन यूरो पर हुआ, यानी ऑडिट मूल्य से यह 2.86% कम है।’
  4. रिपोर्ट में ऑडिट के निष्कर्ष शामिल हैं, जो फ्रांस की सरकार के साथ आईजीए के जरिए मीडियम मल्टी रोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट के अधिग्रहण से जुड़े हैं। इसमें कीमत की जांच भी शामिल है। 
  5. कीमतों की तुलना के तौर-तरीके पर प्रकाश डालते हुए राष्ट्रीय लेखापरीक्षक ने कहा है कि मेसर्स दशॉ एविएशन द्वारा अप्रैल 2008 में 2007 के रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) पर पेश की कई कीमत बाजार की कीमत थी और यह प्रतिस्पर्धी बोली पर आधारित थी।
  6. साल 2007 के मूल्य प्रस्तावों में दो अलग-अलग पैकेज थे। इसमें 18 विमानों की कीमत और 108 विमानों का टीओटी पैकेज शामिल था, जिसके भारत में उत्पादन का लाइसेंस भी था। 
  7. सीएजी ने कहा कि दूसरी तरफ 2015 के प्रस्ताव में सिर्फ 36 लड़ाकू विमान शामिल थे। 
  8. 2007 और 2015 के अधिग्रहण व कीमत की बोलियों में बहुत ज्यादा अंतर था। 
  9. बाद वाले प्रस्ताव 2015 में भारत में 108 विमानों के उत्पादन के लिए लाइसेंस के टीओटी की कीमत शामिल है। 
  10. 2007 की कुल कीमत की बोली का 77.8% था। 

     

(एजेंसी इनपुट के साथ)