महाराजा कॉलेज कें 150 विद्यार्थियों को मिला वाहन चलाने का कानूनी हक

– वक्ताओं ने सुरक्षित ड्राइविंग की दी समझाइश

छतरपुर। मप्र शासन के निर्देशानुसार प्रदेश के कॉलेजों में अध्ययनरत छात्राओं के ड्राइविंग लाइसेंस नि:शुल्क बनाए जा रहे हैं। इसी क्रम में मंगलवार को सुबह 11 बजे आरटीओ विक्रमजीत सिंह कंग के मार्गदर्शन में महाराजा कॉलेज,छतरपुर के वाणिज्य विभाग में 150 से अधिक छात्राओं के लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय द्वारा एक शिविर लगा कर बनाए गए। इस शिविर का शुभारंभ प्राचार्य डॉ एलएल कोरी के मुख्य आतिथ्य एवं वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ. डीपी शुक्ला की अध्यक्षता में हुआ।
प्रारंभ में अतिथियों के स्वागत के पश्चात कार्यक्रम का संचालन कर रहे डॉ. सुमति प्रकाश जैन ने शासन की इस योजना व शिविर के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। परिवहन विभाग से आए नरेश सोनी एवं सीएल माहौर ने छात्राओं को दो पहिया वाहन चलाने के नियम, ड्राइविंग लाइसेंस की उपयोगिता एवं लाइसेंस न होने पर की जाने वाली कानूनी कार्रवाई के बारे में विस्तृत जानकारी दी तथा एप के जरिए ऑनलाइन ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने का तरीका भी मोबाइल पर समझाया। मुख्य अतिथि डॉ. एलएल कोरी ने छात्राओं को समझाइश दी कि वे अपना ओर परिजनों का ड्राइविंग लाइसेंस जरूर बनवाएं तथा स्कूटी आदि चलाते समय गति धीमी रखे व मोबाइल से बात न करें। कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ. डीपी शुक्ला ने शासन को अपनी घोषणा के मुताबिक ऐसे जन उपयोगी शिविर लगाने पर धन्यवाद देते हुए यातायात नियमों का पालन करने की बात कही। डॉ सुमति प्रकाश जैन ने कहा कि दुनिया में कोई भी काम जीवन से अधिक महत्वपूर्ण नहीं है, इस लिए अपने वाहन सुरक्षित गति से ही चलाए एवं हेलमेट का उपयोग करें। आखिर जान है तो जहान है।अंत में डॉ. ओपी अरजरिया ने सभी का आभार व्यक्त किया।
शिविर में महाराजा कॉलेज की बीकॉम व एम कॉम की छात्राओं के साथ कला एवं विज्ञान संकाय की छात्राओं के भी लर्निंग लायसेंस बनाए गए। इसके पूर्व शासकीय कन्या महाविद्यालय में भी एक शिविर आयोजित कर लाइसेंस बनाए गए।अब एक माह बाद और छह माह के भीतर इन 150 छात्राओं के परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस परिवहन विभाग में फोटो खिंचवा कर नि:शुल्क बनाए जाएंगे। लाइसेंस के लिए महाराजा कॉलेज में छतरपुर जिले की निवासी अध्ययनरत छात्राओं को 10 वी की अंकसूची, आधारकार्ड या वोटर आईडी की फोटो कॉपी तथा पासपोर्ट साइज दो फोटो साथ लेकर शिविर में बुलाया गया था।