पतंगों से घायल पक्षियों को बचाने में जुटे संगठन

तपोभूमि वेलफेयर फाउंडेशन परिवार की ओर से ईडब्ल्यूसीएस, जयपुर चिड़ियाघर सहित अन्य संस्थाओं के सहयोग से पक्षी चिकित्सा शिविर आठ स्थानों पर रविवार को शुरू हुआ। यह शिविर 15 जनवरी तक चलेगा। फाउंडेशन के अध्यक्ष नितिन बनेठा व ईडब्ल्यूसीएस के अक्षय ने बताया कि रविवार को विभिन्न शिविरों में लगभग 400 घायल पक्षी लाए गए। इनका इलाज कर इन सभी पक्षियों को जवाहर नगर के लाल मंदिर स्थित पक्षी चिकित्सालय में रखा गया है। पक्षियों की जीवरक्षा हेतु हेल्प लाइन नं. 8875310002 भी जारी किया गया है।

टीम रक्षा एनजीओ की ओर से शनिवार को जयसिंहपुरा खोर एरिया में बड़े पेलिकन पक्षी को रेस्क्यू कर इलाज किया गया। एनजीओ के रोहित गंगवाल ने कहा कि रामनिवास बाग में शिविर लगाया हुआ है। घायल पक्षी की सूचना पर उनकी टीम पक्षियों की मदद के लिए हरसंभव प्रयास करेगी। संस्था के हेल्पलाइन नंबर 9828500065 हैं।

डिजास्टर असिस्टेंस एंड रेस्क्यू टीम के साथ जयपुर पुलिस उपायुक्त लक्ष्मण गौड़ की ओर से घायल पक्षियों के हेल्पलाइन पोस्टर का विमोचन किया गया। इस अवसर पर संस्था अध्यक्ष सुशील पारीक, महासचिव दीपक शर्मा, महेंद्र कुमावत, राकेश राठौड़ एवं मकसूद खान उपस्थित रहे।

पंछी फाउंडेशन संस्था की ओर से पंचम निशुल्क पक्षी चिकित्सा शिविर रामगंज चौपड़, रामगंज बाजार में शुरू किया गया है। यह शिविर सुबह 9 से शाम 5 बजे तक 15 जनवरी तक चलेगा। संस्था की ओर से हेल्पलाइन नंबर 8890331132, 8955735858 भी जारी किए गए हैं।

हेल्प एंड सर्व ऑर्गेनाइजेशन की ओर से पतंग और मांझे की चपेट में आकर घायल होने वाले पक्षियों को प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध करवाने के लिए तीन दिवसीय पक्षी सहायता शिविर रविवार से गलता गेट चौराहे पर लगाया शुरू हुआ। पहले दिन विभिन्न स्थानों से लाए गए पक्षियों की चिकित्सा की गई। एक कबूतर की शल्य चिकित्सा भी की गई। शिविर के लिए वन विभाग ने लिखित में स्वीकृति प्रदान की है। संस्था के कई स्वयं सेवकों ने उद्यागिनी प्रशिक्षण संस्थान में दो दिवसीय पक्षी सहायता शिविर का प्रशिक्षण भी लिया था। घायल पक्षियों के लिए नंबर 8440000983 पर फोन से सहायता और मार्गदर्शन लिया जा सकता है।


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