गंगासागर पहुंचे लाखों तीर्थयात्री, 25 लाख लोगों के पहुंचने का अनुमान

– मकर संक्रांति पुण्य स्‍नान मुहूर्त :

– संक्रांति आरंभ- 14 जनवरी 2019 (सोमवार) रात्रि 20:05 से

– पुण्य काल- 07:19 से 12:30

– पुण्यकाल की कुल अवधि- 5 घंटे 11 मिनट 

– मकर संक्रांति महापुण्यकाल शुभ मुहूर्त- 07:19 से 09:02 

– महापुण्य काल की कुल अवधि- 1 घंटा 43 मिनट 

शिव राउथ, सागरद्वीप

प्रयागराज में इस साल अर्द्धकुंभ होने के बावजूद गंगासागर में मकर संक्रांति को लेकर तीर्थयात्रियों का पहुंचना निरंतर जारी है. मकर संक्रांति 14 जनवरी सोमवार को रात 8.05 बजे से शुरू हो रहा है. लेकिन पुण्‍य स्‍नान का समय 15 जनवरी मंगलवार को सुबह 7.19 बजे से 12.30 बजे तक निर्धारित किया गया है. पुण्‍य स्‍नान की कुल अवधि 5 घंटे 11 मिनट की है. पुण्‍य स्‍नान की अवधि सुबह 7.19 बजे से 09.02 बजे तक है. महापुण्‍य स्‍नान की कुल अवधि 1 घंटा 43 मिनट की है. इस कारण अनुमान है कि सोमवार को बड़ी संख्या में तीर्थयात्री गंगासागर पहुंचेंगे.

पश्चिम बंगाल के आपदा प्रबंधक विशेषज्ञ कर्नल संजय श्रीवास्तव ने बताया कि रविवार को लगभग 15 लाख तीर्थयात्री गंगासागर सागरद्वीप पहुंच चुके हैं तथा तीर्थयात्रियों का निरंतर आना जारी है. उम्मीद है कि इस वर्ष 25 लाख से अधिक तीर्थयात्री गंगासागर स्नान के लिए आयेंगे. 

 

मेगा कंट्रोल रूम ‘तीर्थ साथी’ से चप्पे-चप्पे पर निगरानी 

गंगासागर मेले में लगाये गये आधुनिक मेगा कंट्रोल रूम ‘तीर्थ साथी’ (इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल रूम) से बाबूघाट, काकद्वीप, लॉट नंबर आठ, केचुबेड़िया से लेकर गंगासागर तट तक चप्पे-चप्पे पर निगरानी रखी जा रही है. लगभग 850 सीसीटीवी और 14 ड्रोन के साथ 14 हीलियम बैलून में लगे कैमरे से प्राप्त विजुअल आपदा प्रबंधन की टीम विश्लेषण कर रही है और उसके अनुसार भीड़ नियंत्रित कर रही है. 

 

गंगासागर के आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ (पश्चिम बंगाल) कर्नल संजय श्रीवास्तव ने प्रभात खबर को बताया कि सीसीटीवी, ड्रोन व हीलियम बैलून से प्राप्त विजुअल का आपदा प्रबंधन की टीम विश्लेषण कर रही है. उसके अनुरूप दिशानिर्देश जारी किये जा रहे हैं और गंगासागर आने वाले तीर्थयात्रियों की आवाजाही को नियंत्रित किया जा रहा है. 

 

उन्होंने कहा कि प्रयागराज कुं‍भ में भी मेगा कंट्रोल रूम बनाये गये हैं, लेकिन उनका नियंत्रण पुलिस के पास है और उनसे प्राप्त विजुअल का विश्लेषण की व्यवस्था नहीं है. जबकि, गंगासागर के कंट्रोल रूम को प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस और आपदा प्रबंधन संयुक्त रूप से निगरानी कर रहे हैं और इस कारण व्यवस्था अधिक सुचारू ढंग से संचालित हो रही है. 

 

वैसेल में लगाये गये हैं गार्मिनेट सेट 

कर्नल श्रीवास्तव ने बताया कि लॉट नंबर आठ से केचुबेड़िया जाने वाले वैसेल में पहली बार गार्मिनेट सेट तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. यह तकनीक न केवल नेविगेशन में मदद कर रहा है, वरन जीपीएस व्यवस्था पर आधारित है. वेसल की स्थिति बताता है तथा पानी की गहराई कितनी है, इसकी भी जानकारी उपलब्ध कराता है. इससे वेसेल के फंसने की संभावना बहुत ही कम हो जाती है. 

 

आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से मिल रही है मदद : शोभनदेव

राज्य के बिजली मामलों के मंत्री शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने कहा कि मेगा कंट्रोल रूम में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. इससे बाबूघाट से लेकर सागरद्वीप तक की निगरानी रखी जा रही है. इससे न केवल तीर्थयात्रियों को सुविधा मुहैया कराने में सुविधा हो रही है, वरन इससे तीर्थयात्रियों के लिए बेहतर व्यवस्था करने में मदद मिल रही है.