Makar Sankranti 2019: मकर संक्रांति स्नान के लिए शिप्रा में छोड़ा नर्मदा का पानी, आज पहुंचेगा उज्जैन

Publish Date:Sun, 13 Jan 2019 09:00 AM (IST)

उज्जैन। महाकाल की नगरी उज्जैन में श्रद्घालुओं को मकर संक्रांति का पर्व स्नान कराने के लिए नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण ने शनिवार शाम नर्मदा का 2.35 मिलियन क्यूबिक मीटर (एमसीएम) पानी शिप्रा नदी में छोड़ दिया। यह पानी रविवार दोपहर तक उज्जैन में आएगा। अगर ऐसा हुआ तो श्रद्घालु नर्मदा-शिप्रा के बहते शुद्घ संगम जल में स्नान कर पाएंगे।

मालूम हो कि शनिश्चरी अमावस्या के नहान पर प्रदेश की कांग्रेस सरकार की किरकिरी होने के बाद पूरा शासन-प्रशासन मकर संक्रांति (15 जनवरी) का नहान अच्छे से कराने की तैयारी में जुटा हुआ है। नर्मदा का पानी उज्जैन लाया जा रहा है। वहीं वैकल्पिक इंतजाम स्वरूप रामघाट पर जमा गंदा पानी आगे बहाकर गंभीर नदी का पानी भर दिया गया है। त्रिवेणी पर सूखी शिप्रा नदी में गऊघाट का पानी लिफ्टकर भर दिया गया है। अब पानी तो नहान के लिए पर्याप्त हो गया है, लेकिन त्रिवेणी घाट पर जमा पानी फिलहाल गंदा है।

अगर नर्मदा का पानी पर्व स्नान से पहले उज्जैन आ गया तो यह पानी भी प्राकृतिक रूप से साफ होने का दावा प्रशासन ने किया है। इधर, नहान के लिए नगर निगम ने 8 किलोमीटर लंबे घाटों की सफाई एवं धुलाई कराई है। रामघाट और दत्त अखाड़ा घाट पर फव्वारे, दीवारों पर रंगाई-पुताई कराकर आकर्षक लाईट भी लगवाई है। ये सारे बंदोबस्त देखने रविवार को प्रदेश के मुख्य सचिव एसआर मोहंती आ रहे हैं, इस हिसाब से घाटों समेत शहर की साफ-सफाई व्यवस्था पर भी खास ध्यान रखा गया है।

4 एमसीएम मांगा था पानी

नहान के लिए उज्जैन नगर निगम ने एनवीडीए से 4 एमसीएम पानी की मांग की थी, मगर पानी 2.35 एमसीएम यानी 66.50 एमसीएफटी ही छोड़ा जा सका। इतना पानी कि उज्जैन शहर की 6 एमसीएफटी प्रतिदिन खपत के अनुसार 11 दिन सप्लाई किया जा सके। जैसा कि पहले ही एनवीडीए स्पष्ट कर चुका है कि 4 एमसीएम पानी के लिए उन्हें कम से कम एक महीना पहले सूचना देना जरूरी है। सप्ताह, डेढ़ सप्ताह में इतना पानी लिफ्ट कर उज्जैन पहुंचाना मुमकिन नहीं है।

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