जलाशय किनारे गूंजा लोक संगीत, कलाकारों संग थिरके सैलानी

बीकानेर। ढलते सूरज के साक्ष्य में जलाशय किनारे वाद्ययंत्रों की मधुर धुन के बीच लोक राग में स्वर लहरियां गायक और संगीत की लयबद्धता के साथ नृत्य प्रस्तुत करती नृ़त्यांगना। देखते ही देखते इस लोक नृत्यागंना के साथ यहां मौजूद विदेशी सैलानी के पांव भी थिरकने लगे और वह भी लोक संगीत पर झूम उठी। बीकानेर की लोक संस्कृति को जीवंत कर देने वाला यह नजारा ऊंट उत्सव की पूर्व संध्या पर सूरसागर किनारे बने हैरिटेज पाइंट पर देखने को मिला। शाम पांच बजे से यहां देशी व विदेशी सैलानियां का आना शुरू हो गया। पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित यहां सांस्कृतिक संध्या में रंग-बिरंगी वेशभुषा पहने लोक कलाकारों ने सैलानियों और यहां मौजूद बीकानेर के जनमानस ने स्वागत किया।

सांस्कृतिक संध्या में बीकानेर की युवा लोक कलाकार शहनाज ने भवई नृत्य कर सैलानियों का मनमोह लिया। वहीं शशिकला एण्ड पार्टी के कलाकारों ने चक्री नृत्य कर दर्शकों को रोमांचित कर दिया। ऊंट उत्सव की पूर्व संध्या पर आयोजित हुए इस सांस्कृतिक कार्यक्रम ने दर्शकों के मन मस्तिष्क में शनिवार को रायसर के धोरों से शुरू होने वाले ऊंट उत्सव की भव्यता का आभास करा दिया।

शहनाज पहली बार बनी प्रतिभागी
सूरसागर स्थित हैरिटेज पाइंट पर हुए कार्यक्रम में बीकानेर की युवा नृत्यांगना शहनाज ने ऊंट उत्सव पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या में पहली बार प्रतिभागी बनी। शहनाज ने बताया कि ऊंट उत्सव पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या में भवई नृत्य की प्रस्तुति देकर वह अपने रोमांचित महसूस कर रही है। उसने इसके लिए पर्यटन विभाग का आभार भी जताया।