दो माह बाद एक और बेटे को जन्म देने वाली थी कविता

रामपुर : सिविल लाइंस क्षेत्र में महिला और उसके तीन साल के बेटे की गोली लगने से मौत को सुसाइड बता रही पुलिस ने अब इसे दहेज हत्या मान लिया है। मृतका के पिता की तहरीर पर ससुरालियों के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर पति और ससुर को हिरासत में ले लिया है। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। उधर, पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने महिला और उसके बच्चे के शव परिजनों को सौंप दिए हैं।

महिला के पोस्टमार्टम से पता चला कि वह सात माह की गर्भवती थी। उसके गर्भ में पल रहा शिशु भी बेटा था। मां के साथ उसकी भी सांसे थम गईं। ज्वालानगर अशोक विहार कालोनी में दूरसंचार विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी रमाकांत यादव का आवास है। उनका बेटे चंद्रशेखर यादव की साईं मार्केट में रेडीमेड कपड़ों की दुकान है। उन्होंने बेटे की शादी दो दिसंबर 2014 को मुरादाबाद के थाना मूंढापांडे अंतर्गत ग्राम बूजपुर मान की कविता पुत्री वीरेंद्र ¨सह से की थी। शादी के करीब साल भर बाद कविता ने एक बेटे को जन्म दिया, जिसे परिजनों ने वंश नाम दिया। पोते के आने के बाद उनके परिवार में खुशियां आ गईं, लेकिन इन खुशियों को ऐसी नजर लगी कि अब यहां मातम छाया है।

शुक्रवार को कविता तीन साल के बेटे को लेकर कमरे में थी। अचानक दो गोलियां चलने की आवाज आई। परिजन कमरे की ओर दौड़े। दरवाजा अंदर से बंद था। शोर मचाया तो आसपास के लोग आ गए। दरवाजा तोड़ा तो अंदर मां-बेटे खून से लथपथ पड़े थे। दोनों को जिला अस्पताल ले गए, जहां बेटे को मृत घोषित कर दिया गया। महिला की हालत नाजुक थी। उसे परिजन मुरादाबाद ले गए। वहां उपचार के दौरान महिला की भी मौत हो गई।

रविवार को उसके पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया। पोस्टमार्टम से पता चला कि वह सात माह की गर्भवती थी। उसके गर्भ में पल रहा शिशु बेटा था। यदि यह हादसा नहीं होता तो दो माह बाद वह स्वस्थ और सुंदर बेटे को जन्म देती। महिला, उसके तीन साल के बेटे और गर्भ में पल रहे शिशु के शव अंतिम संस्कार के लिए बूजपुर मान गांव पहुंचे तो वहां लोगों की भीड़ जुट गई। शवों को देख परिवार में चीख पुकार मच गई। गमगीन माहौल में मायके वालों ने तीनों शवों का अंतिम संस्कार कर दिया। अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार ¨सह ने बताया कि इस मामले में मृतका के पिता ने तहरीर दी है, जिसमें ससुरालियों पर दहेज के लिए हत्या का आरोप लगाया है। तहरीर में कहा है कि ससुराली दहेज में कार और चार लाख रुपये की मांग करते थे। ससुरालियों ने ही बेटी और धेवते की हत्या की है।

सिविल लाइंस पुलिस ने उनकी तहरीर पर मृतका के पति चंद्रशेखर यादव, ससुर रमाकांत यादव, सास कौशल्या देवी और देवर विवेक यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

तमंचा कहां से आया, पता नहीं लगा सकी पुलिस

महिला और उसके बेटे की मौत 315 बोर के तमंचे से निकली गोली से हुई थी। पुलिस अभी तक यह पता नहीं लगा सकी है महिला के पास तमंचा कहां से आया? पुलिस ने इस मामले में भले ही दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया है, लेकिन महिला के कमरे से मिले सुसाइड नोट को लेकर भी जांच कर रही है, जिसमें महिला ने पति और भाइयों के बीच विवाद के चलते आत्महत्या की बात लिखी है। सुसाइड नोट के मुताबिक महिला ने पहले अपने तीन साल के बेटे को सिर में गोली मारकर हत्या की। बाद में उसने अपने भी सिर में गोली मारी। कविता का एक भाई पुलिस में सिपाही है।

Posted By: Jagran